क्योंकि जो उन्हें पाते हैं उनके लिये वे जीवन हैं, और उनके सारे शरीर स्वस्थ रहें (कहावत का खेल 4:22)
आपको क्यों करना होगा? पिता के शब्दों पर ध्यान दें, अपने कान उनकी ओर झुकाओ, वे तुम्हारी आंखों से ओझल न हों, और उन्हें अपने दिल में रखो? वह क्यों चाहता है कि आप उसकी बातें मानें, और उन्हें अपने जीवन में लागू करें? क्योंकि परमेश्वर के वचन उन लोगों के लिए जीवन हैं जो उन्हें पाते हैं, और वे उनके सारे शरीर के लिये स्वस्थ हैं.
इस धरती पर इतने बीमार लोग क्यों हैं?? चर्चों में भी? क्योंकि बाप की बातें मनुष्य सुनना नहीं चाहते, अब और. वे उसके वचन के अनुसार नहीं जीना चाहते; यीशु, और उसकी इच्छा पूरी नहीं करना चाहते. इसलिए बहुत दर्द होता है, आहत, दु: ख, रोग, और रोग आदि.
परन्तु जब तुम प्रभु पर भरोसा रखते हो, उसके वचन के प्रति वफादार रहें, उसमें बने रहो और उसके वचन पर चलते रहो; यीशु मसीह, तब तू सुरक्षित रहेगा और कोई तुझे हानि न पहुँचाएगा.
'पृथ्वी का नमक बनो’


