उसका घर नरक का रास्ता है, मृत्यु के कक्षों में जा रहा हूँ (कहावत का खेल 7:27)
जैसे ही आप पराई औरत के घर में प्रवेश करते हैं, आप नरक में जाने की राह पर हैं. जैसे ही आपने पाप करने दिया, और तुम्हारे जीवन में फिर से अधर्म प्रवेश करेगा, तुम धर्म का मार्ग छोड़ दोगे, और मार्ग में प्रवेश करेगा, जो तुम्हें अनन्त मृत्यु की ओर ले जाएगा.
उस रास्ते पर जाने का एकमात्र रास्ता, यीशु के सामने पश्चाताप करना है. यीशु ही एकमात्र व्यक्ति है, कौन आपकी मदद कर सकता है! वह अकेला ही है, जो आपको नई जिंदगी दे सकता है.
उसके खून से, तुम्हारे सारे पाप और अधर्म क्षमा कर दिये जायेंगे, और बह जायेगा. वह अब आपके अतीत के बारे में नहीं सोचेगा, और आपके द्वारा की गई सभी गलतियाँ.
आपको बस यीशु को अपने उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार करना है और उसे अपने जीवन का प्रभु बनाना है. उसके खून से और पानी और पवित्र आत्मा में बपतिस्मा के माध्यम से, तुम बन जाओगे एक नई रचना.
बाप नहीं चाहते कि तुम नर्क में जाओ
पिता आपसे प्यार करते हैं, और वह नहीं चाहता कि आप किसी अजनबी महिला के साथ जुड़ें (दुनिया). वह नहीं चाहता कि आप उसका अनुसरण करें. वह निश्चित रूप से नहीं चाहता कि आप उसके घर में प्रवेश करें और व्यभिचारी बनें.
क्योंकि वह जानता है, कि जैसे ही आप अधर्म के मार्ग में प्रवेश करेंगे, तुम उसका मार्ग छोड़ दोगे. तुम जीवन का मार्ग छोड़ कर विनाश के मार्ग में प्रवेश करोगे, जो नरक की ओर ले जाएगा.
बाप नहीं चाहता कि तुम भटक जाओ, और नरक में जाओ. वह चाहता है कि आप अनन्त जीवन प्राप्त करें, ताकि तुम सर्वदा उसके साथ रहो. वो तुमसे प्यार करता है, और उसने अपना एकलौता पुत्र यीशु दे दिया है, आपके लिए.
उसका पुत्र यीशु, तुम्हारे सारे पाप अपने ऊपर ले लिये हैं, और अपने ऊपर अधर्म का काम करता है, और पाप का दण्ड उठाया, जो मृत्यु है.
यीशु ने आपके लिए यह किया, ताकि आप आध्यात्मिक स्वतंत्रता में जी सकें, पिता के साथ संयुक्त, अनन्त जीवन प्राप्त करना.
तो आप किस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं?
'पृथ्वी का नमक बनो’


