मेरा बेटा, यदि तू अपने मित्र का जमानती हो, यदि तू ने किसी अजनबी से हाथ मिलाया है, तू अपने मुंह के वचनों से फंस गया है, तू अपने मुंह के वचनों से पकड़ा जाता है. अभी ऐसा करो, मेरा बेटा, और अपने आप को छुड़ाओ, जब तू अपने मित्र के हाथ आएगा; जाना, अपने आप को नम्र करो, और सुनिश्चित करें कि आपका दोस्त. अपनी आँखों में नींद मत आने दो, और न ही तेरी पलकों पर नींद आती है. अपने आप को हिरन के समान शिकारी के हाथ से छुड़ाओ, और बहेलिये के हाथ से पक्षी के समान बचा (कहावत का खेल 6:1-5)
अगर आप चौकस नहीं हैं, और सावधान, ऐसा हो सकता है, वह तुम्हारे मुँह के शब्दों से और तुम्हारे कार्यों से, तुम शैतान के जाल में फँस जाओगे और बंदी बना लिये जाओगे. आप ऐसा कैसे करेंगे? एक प्रतिबद्धता बनाकर (एक अनुबंध) एक अजनबी के साथ; अपने दोस्त के लिए ज़मानत बनकर, और किसी पराये पुरूष के हाथ से अपना हाथ पीटना. अजनबी, जिनके साथ आपको रिश्ता नहीं रखना चाहिए (कम्युनियन) साथ.
पिता ने बेटे को चेतावनी दी, अजनबियों के साथ शामिल न हों. वह जानता है, कि परदेशी अन्धियारे में चलता है, ओर वो (एस)वह तुम्हें भी अन्धकार में खींच लेगा (शैतान का राज्य). यदि आपका मित्र, अजनबी, आप पर पकड़ है, जब आप अपने दोस्त के हाथ में आ गए, तो तुम्हें स्वयं ही उद्धार करना चाहिए, अपने आप को विनम्र करके, और अपने दोस्त को मजबूत करो. विश्वास में खड़े होकर अपने आप को बचाएं, और अंधकार से लड़कर और शैतान का विरोध करके
अपनी आँखों को नींद मत दो
सतर्क रहें और जागते रहें! अपनी आँखों को नींद मत दो, और न अपनी पलकों को नींद दो. लेकिन सावधान रहें, जागते रहो. अपने आप को छुड़ाओ, शिकारी के हाथ से हिरण की तरह, और बहेलिये के हाथ से पक्षी के समान बचा.
दोस्त और अजनबी, केवल एक ही चीज़ चाहता हूँ और वह है तुम्हें विनाश की ओर ले जाना. पवित्र आत्मा की आवाज सुनो, और नेतृत्व किया जाए, और चेतावनी दी, उसके और वचन के द्वारा. अपने आप को हर किसी के प्रति समर्पित न रखें, परन्तु जागते रहो और देखते रहो.
यह आपका कर्तव्य है, अपने पड़ोसी को सुसमाचार सुनाओ, और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम करो. लेकिन आपको उनकी जीवनशैली से खुद को दूर रखना चाहिए. और उन्हें अनुमति न दें, आपको उनकी 'दुनिया' में खींचने के लिए, उनकी 'जीवनशैली', ताकि तुम संसार के समान रहो.
'नमक का नमक बनो’


