यीशु कब लौटेंगे? क्या वहां कोई है, जो यीशु के दिन और घड़ी की भविष्यवाणी कर सकता है’ वापस करना? क्या कोई बाइबिल में धर्मग्रंथों से पता लगा सकता है कि यीशु कब वापस आ रहे हैं? उत्तर नहीं है! कदापि नहीं! उस दिन और उस घड़ी को कोई नहीं जानता कि यीशु वापस आयेंगे और स्वर्गारोहण होगा.
क्या कोई यीशु का दिन और समय जान सकता है?’ वापस करना?
परन्तु उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, नहीं, स्वर्ग के देवदूत नहीं, लेकिन केवल मेरे पिता (मैथ्यू 24:36)
ईश ने कहा, उस दिन और उस घड़ी को कोई नहीं जानता. इसलिए, कोई यीशु के दिन और समय की भविष्यवाणी कैसे कर सकता है?’ आ रहा? यहाँ तक कि यीशु और स्वर्गदूत भी उसके आने का दिन और समय नहीं जानते. वहाँ केवल एक ही है, कौन जानता है कि यीशु कब लौटेंगे और वह पिता हैं. केवल पिता ही जानता है कि यीशु कब लौटेगा.
जब तथाकथित ईसाई (झूठे भविष्यवक्ताओं और झूठे शिक्षकों के रूप में भी जाना जाता है), धर्मग्रंथों से खोज करें और यीशु की तारीख और समय की भविष्यवाणी करें’ लौटें और उत्साह की भविष्यवाणी करें, उन पर विश्वास मत करो.
क्योंकि यीशु ने कहा, “उस दिन और उस घड़ी को केवल मेरे पिता के अतिरिक्त कोई नहीं जानता”
इसलिए, अगर यीशु ने कहा, जिसे कोई भी आदमी नहीं जानता, तो इसका मतलब यह है कि कोई भी व्यक्ति नहीं जानता. क्योंकि यीशु सच बोलते हैं और उनका सच हमेशा सच ही रहेगा. क्योंकि शब्द ही सत्य है और झूठ नहीं है.
यदि यीशु कहते हैं, कि कोई भी दिन और घंटे की भविष्यवाणी नहीं कर सकता, तो फिर कोई नहीं कर सकता. अपने पिता के संकेत पर, यीशु इस धरती पर वापस आएंगे.
इतने सारे ईसाई इन झूठे भविष्यवक्ताओं पर विश्वास क्यों करते हैं??
आश्चर्य की बात क्या है, यद्यपि वचन सत्य है और वचन कहता है कि कोई भी मनुष्य यीशु के आने के दिन को नहीं जान पाएगा, वहाँ बहुत सारे ईसाई हैं, जो अब भी इन झूठे भविष्यवक्ताओं पर विश्वास करते हैं और उनकी बातों से धोखा खाते हैं. वह कैसे संभव है? बहुत से ईसाई धोखा खा जाते हैं क्योंकि बहुत से ईसाई स्वयं परमेश्वर के वचन को नहीं पढ़ते और उसका अध्ययन नहीं करते हैं. इसलिए, वे अज्ञानी हैं और अज्ञानी बने रहते हैं और उनमें परमेश्वर के वचन के ज्ञान की कमी है.
उनकी अज्ञानता और परमेश्वर के वचन के ज्ञान की कमी के कारण, वे इन झूठों पर विश्वास करते हैं और उनका अनुसरण करते हैं प्रचारकों और नबियों.
इन झूठे भविष्यवक्ताओं और शिक्षकों के शब्द उनके जीवन में सर्वोच्च अधिकार बन जायेंगे, परमेश्वर के सच्चे वचनों के बजाय.
वे यीशु मसीह का अनुसरण करने के बजाय इन झूठे भविष्यवक्ताओं और उपदेशकों का अनुसरण करते हैं; शब्द, और इसलिए वे धोखा खा गए हैं.
ऐसा कई बार हुआ है, कि इन तथाकथित उपदेशकों और भविष्यवक्ताओं ने तारीख की भविष्यवाणी की थी, और कभी-कभी घंटा भी, यीशु का’ वापस करना. वे अपने आप को बड़ा भविष्यवक्ता मानते थे, भगवान के आदमी, जो भगवान द्वारा भेजे गए थे और विशेष थे. जबकि हकीकत में, वे झूठे थे, जो झूठ बोलने वाली आत्माओं से प्रेरित और ठगे गए थे, पवित्र आत्मा के बजाय.
उनकी भविष्यवाणियाँ चर्च की चार दीवारों के बीच नहीं रहीं. लेकिन उनका झूठ दुनिया भर में फैलाया गया, उपदेशों और पुस्तकों के माध्यम से. हाँ, यहां तक कि बड़े शहरों में बिलबोर्ड भी, इन झूठी भविष्यवाणियों से आच्छादित थे. लेकिन जब वह विशेष तिथि और कुछ मामलों में घंटा भी, आया, कुछ नहीँ हुआ.
अच्छा…. एक बात हुई. शैतान और उसके गुर्गे और दुनिया हँस रही थी क्योंकि ईसाई धर्म ने खुद को मूर्ख बना लिया था.
परमेश्वर के राज्य के इन तथाकथित प्रतिनिधियों ने अपनी मूर्खतापूर्ण भविष्यवाणियों और झूठ से राज्य को नुकसान पहुँचाया. उन्होंने परमेश्वर के राज्य को नुकसान पहुँचाया और यीशु मसीह का उपहास किया.
क्या यीशु पहले ही लौट आये हैं?? क्या स्वर्गारोहण पहले ही हो चुका था??
मूर्ख भी होते हैं, जो कहते हैं कि यीशु’ वापसी और उत्साह पहले ही हो चुका है. लेकिन ये कैसे संभव है? हम अभी भी जीवित हैं और पवित्र आत्मा अभी भी मौजूद है. हम देखते हैं कि प्रकाशितवाक्य की पुस्तक की भविष्यवाणियाँ और संकेत सच हो रहे हैं. सहस्राब्दी; मसीह का हज़ार वर्ष का शासन अभी तक नहीं हुआ है. शैतान और उसके गुर्गे (राक्षसों) वे अभी भी इस धरती पर घूम रहे हैं और तलाश कर रहे हैं कि वे किसे निगल सकें. साबित करने के और भी कई कारण हैं, कि स्वर्गारोहण अभी तक नहीं हुआ है.
लोग, जो यीशु के आगमन के विषय में ये बातें कहते हैं, और उत्साह केवल देख रहे हैं और ध्यान आकर्षित करने के लिए रो रहे हैं. वे क्नोव्स, जिस पर ध्यान दिया जाए और ध्यान आकर्षित किया जाए, आपको उपदेश देना होगा या कुछ नया लेकर आना होगा.
इसलिए ये झूठे भविष्यवक्ता और उपदेशक 'नई चीजों' का प्रचार करते हैं, अपने नए सामान से अधिक से अधिक अनुयायियों को आकर्षित करने का मुख्य उद्देश्य. इसलिए, ये झूठे उपदेशक अपने झूठे सिद्धांतों से कई लोगों को गुमराह करते हैं.
ये भविष्यवाणियाँ उनके कामुक मन के भ्रम और उनके स्वयं के व्यर्थ दर्शन से उत्पन्न होती हैं. वे झूठे शिक्षक हैं, जिनके बारे में तुम्हें अवश्य जानना चाहिए और उनकी बात नहीं सुननी चाहिए.
ईसाई भगवान के राज्य के राजदूत हैं
आइए हम पवित्र चलें और परमेश्वर के वचन को पवित्र और सम्मान के साथ मानें. आइए हम उनके साम्राज्य के सच्चे राजदूत बनकर चलें. राजदूत जानते हैं कि वे क्या प्रतिनिधित्व करते हैं. वे संस्कृति से परिचित हैं, आदतें, और देश के कानून (साम्राज्य), वे प्रतिनिधित्व करते हैं. यदि वे देश से परिचित नहीं हैं और देश की संस्कृति और कानूनों के प्रति समर्पण नहीं करना चाहते हैं, तो वे उस देश के राजदूत नहीं हो सकते.
यदि आप पुनः जन्म लेने वाले ईसाई हैं, आप एक प्रतिनिधि हैं; परमेश्वर के राज्य का एक राजदूत. पवित्र आत्मा के वास के द्वारा, उसने अपनी इच्छा और अपने नियम आपके दिल और दिमाग में लिखे हैं. लेकिन आपको परमेश्वर के वचन को जानना होगा. ताकि, आप उसकी इच्छा और परमेश्वर के राज्य के नियमों का पता लगाएंगे और जानेंगे. जब आप उसकी इच्छा का पता लगा लेंगे और उसकी इच्छा के अनुसार जिएंगे और चलेंगे तो आप इस पृथ्वी पर यीशु का प्रतिनिधित्व करेंगे.
जब आप नये सिरे से ईसाई बनें और ईश्वर के वचनों को जानें, आप उजागर कर सकेंगे जो झूठ जो झूठे प्रचारकों और भविष्यवक्ताओं द्वारा प्रचारित किया जाता है. झूठ क्या है?? झूठ वह हर शब्द है जो परमेश्वर के वचन का विरोध करता है. ये झूठ पतित मनुष्य के कामुक मन से उपजे हैं (पुनर्जीवित न हुआ आदमी).
आपको समझना चाहिए, ईश्वर की ओर से क्या है और क्या नहीं. समझने का एकमात्र तरीका ईश्वर के वचन और उसकी इच्छा को जानना और वचन और आत्मा के नेतृत्व में चलना है, झूठे उपदेशकों और भविष्यवक्ताओं के शब्दों के बजाय.
इसका क्या मतलब है, जब यीशु ने कहा उस दिन को कोई नहीं जानता?
जब यीशु ने कहा, वह किसी को भी नहीं वह दिन और घड़ी जानता है, सिवाए बाप के, तो इसका मतलब यह है कि कोई नहीं जानता, और किसी को कभी पता नहीं चलेगा.
'पृथ्वी का नमक बनो’


