सृष्टि की नींव

यहोवा ने बुद्धि से पृय्वी की नेव की है; उस ने समझ के द्वारा स्वर्ग की स्थापना की. उसके ज्ञान से गहराइयाँ टूट जाती हैं, और बादल ओस गिराते हैं (कहावत का खेल 3:19-20)

सृष्टि की रचना ईश्वर ने की है. वह स्वर्ग का निर्माता है, और पृथ्वी, और उसके सभी मेज़बान. प्रभु ने अपनी बुद्धि से पृथ्वी की स्थापना की. उसने अपनी समझ से स्वर्ग की स्थापना की, और अपने ज्ञान से उसने गहिरे स्थानों को तोड़ डाला, और बादल ओस गिराते हैं. इस प्रकार उन्होंने सृष्टि की रचना की.

मूर्ख बननावह सब कुछ वह है, और वह सब कुछ जो उसके पास है, उन लोगों को उन्होंने दे दिया है, जो यीशु मसीह में विश्वास करते हैं और यीशु को अपना उद्धारकर्ता और प्रभु बनाते हैं और हैं पुनर्जन्म और हैं यीशु मसीह में बैठा. हाँ, पुनः जन्म लेने वाले विश्वासियों के लिए, जो उसकी आज्ञाओं के अनुसार चलते हैं, उसका वचन, उन्होंने परमप्रधान परमेश्वर के पुत्र बनने की शक्ति दी है; आकाश और पृथ्वी का रचयिता.

यदि आप भगवान के पुत्र बन गए हैं, इसका मतलब है कि उसकी पवित्र आत्मा आप में वास करती है. वह सब सत्य सिखाएगा और मार्गदर्शन करेगा. तुम्हें उसकी बुद्धि प्राप्त होगी, उसकी समझ, और उसका ज्ञान.

जबतक आप उसकी आज्ञाओं को बनाए रखें, और उसके वचन और उसकी इच्छा के अनुसार चलो, तब तुम बुद्धि से चलोगे, समझ, और ज्ञान. यह बुद्धिमत्ता नहीं है, समझ, और दुनिया का ज्ञान. क्योंकि इस संसार की बुद्धि और परमेश्वर की बुद्धि एकदम विपरीत हैं. यदि आप विश्वास में चलते हैं और उसके वचन का पालन करते हैं, आप उसकी बुद्धि और सत्य पर चलेंगे और अनन्त जीवन प्राप्त करेंगे.

'पृथ्वी का नमक बनो’

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