परन्तु जो मेरी सुनेगा वह निडर बसा रहेगा, और बुराई के भय से शान्त रहेगा (कहावत का खेल 1:33)
विश्वासी, जो यहोवा का भय मानते हैं, उसे सुनो, और उसके वचन का पालन करो और उसकी फटकार का तिरस्कार मत करो, उसके पंखों के नीचे सुरक्षित रूप से निवास करोगे. वे ईसा मसीह के विश्वासी और अनुयायी कहलायेंगे. वे केवल वचन के श्रोता ही नहीं होंगे, परन्तु वे वचन पर चलनेवाले होंगे. इस तथ्य के कारण, कि वे वचन पर चलने वाले होंगे, वे करेंगे उसके विश्राम में प्रवेश करो, और सुरक्षित रूप से निवास करेंगे. उन्हें शांति मिलेगी, जिसे दुनिया न तो जानती है और न ही उसके पास है.
जब आप भगवान पर भरोसा करते हैं, और पूरी तरह से उसका आज्ञापालन करो, और वही करो जो उसने तुमसे करने को कहा है, फिर जो कुछ भी आपके रास्ते में आएगा, तुम्हें डरना नहीं चाहिए. आप चिंता न करें, क्योंकि तुम उसमें सुरक्षित निवास करते हो.
तुम रात के भय से नहीं डरोगे, और न बुराई से डरो, क्योंकि प्रभु की दृष्टि तुम पर लगी हुई है. इसलिए, तुम उसके द्वारा सुरक्षित रहोगे. वह आपका मार्गदर्शन और सुरक्षा करेगा, यदि तुम उसके प्रति आज्ञाकारी बने रहो.
इसलिए डरो मत, लेकिन उस पर भरोसा रखो, और उसी में रहो.
'पृथ्वी का नमक बनो’


