किसी पराई स्त्री के दरवाजे के पास न आएं

अपना रास्ता उससे दूर हटा लो, और उसके घर के द्वार के निकट न आना: ऐसा न हो कि तू अपना आदर दूसरों को दे, और तेरे वर्ष क्रूर के लिथे (कहावत का खेल 5:8-9)

किसी पराई स्त्री से घनिष्ठता न करें (या आदमी). उसके दरवाजे के पास मत आओ (या उसका) घर.
जैसे ही तुम उसके अंदर आओगे (या उसका) घर, तब तुम अन्धकार में खींच लिये जाओगे.

जैसे ही आप उसे खोलेंगे (या उसका) दरवाजा, तुम उसे अपना सम्मान दोगे (या वह), और तुम्हारे वर्ष क्रूर हैं.

'पृथ्वी का नमक बनो’

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